Family And Health Astrology And Predictions

Family And Health Astrology And Predictions (8)

Family And Health Astrology And Predictions

जाने अपना सही लग्न और जन्म समय-

 

सही जन्म लग् क्या है आपका - जानिए ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह से :-

 

बहुत लोग जीवनभर ग़लत लग्न की कुंडली दिखाते रहते हैं और उपाय लेते रहते हैं ! यदि जातक को यह लगे कि उसको जन्म समय कन्फर्म नहीं है तो खुद तर्क गाढ़ने से बेहतर है कि अच्छे ज्योतिषी से सही जन्म समय और लग्न पता करें ! उसके लिए ढेर सारे तरीके हैं ! कुछेक का उल्लेख किया जा रहा है !

 

1.अंगूठे की रेखाओं से एक पारखी ज्योतिषी लग्न का पता लगा सकता है ! 12 लग्नों को वायु अग्नि जल पृथ्वी तत्वों तथा अन्य और आधार पर अंगूठे से पहचाना जा सकता है !

 

2.छोटे भाई छोटे बहन की पैदाइश का समय बड़े भाई की कुंडली से बताया जा सकता है ! तो बड़े भाई का जन्म लग्न जानने के लिए बड़े भाई की तीसरे भाव से संबंधित दशा तथा उस पर शनि , बृहस्पति मंगल सूर्य और चंद्र के गोचर बहुत महत्वपूर्ण होता है !

 

3. यदि जातक का विवाह हो चुका है तो उसके विवाह की दशा और उससे संबंधित पाँचों ग्रहों के गोचर से जन्म समय और लग्न का पता लगाया जा सकता है !

 

4.ठीक इसी तरह पहली संतान के जन्म से भी जातक का जन्म और लग्न बताया जा सकता है !

प्रभु हनुमान जी के 12 नाम आगे दिए गये हैं ! परंतु उससे पहले उन्ही नामों का श्लोक जिसको आप को पढ़ना है !

 

नुमानञ्जनीसुनुर्वायुपुत्रोमहाबलः
रामेष्टःफाल्गुनसखःपिङ्गाक्षोऽमितविक्रमः॥१॥
उदधिक्रमणश्चैवसीताशोकविनाशनः
लक्ष्मणप्राणदाताश्चदशग्रीवस्यदर्पहा॥२॥

 

इन द्वादश यानी 12 नामों के अर्थ चित्र के रूप में भी प्रस्तुत हैं ! जहाँ तक मेरा ज्ञान और अनुभव है यह हनुमान जी का दूसरा सबसे प्रभावी मंत्र है ! पहला मंत्र सार्वजनिक रूप से लिखा जाना उचित नही है ! भारत का सबसे ताकतवर व्यक्ति उस मंत्र का जाप रोज़ कइयों बार करता है ! यह मंत्र तभी बताया जा सकता है जब आप यह सिद्ध करें की आप पूर्ण शाकाहारी हैं ! एक पत्नी व्रत का पालन करते हों और सैय्यमी हो !

 

कैसे करें इन 12 नामों का प्रयोग और इनके लाभ क्या हैं?


- प्रातकाल, रात्रि में सोने के पूर्व, किसी नए कार्य के आरम्भ के पूर्व या यात्रा के पूर्व इन नामों का प्रयोग करें.
- पीले कागज पर लाल रंग से लिखकर इन नामों को घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थान पर भी लगा सकते हैं.
- भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखकर इसे लॉकेट की तरह गले में धारण कर सकते हैं.
- इन नामों का प्रयोग करने से व्यक्ति की दसों दिशाओं और आकाश पाताल से रक्षा होती है.
- प्रातःकाल ये नाम लेने से व्यक्ति दीर्घायु होता है.
- दोपहर को ये नाम लेने से धनवान होता है.
- रात्रि को ये नाम लेने से विरोधी परास्त होते हैं और शत्रु शांत होते हैं.

- मनोकामना पूरी करने के लिए इन बारह नामों का नित्य प्रात नौ बार जाप करना चाहिए.

 

1 हनुमान
2 अंजनी सुत
3 वायु पुत्र
4 महाबल
5 रामेष्ठ
6 फाल्गुण सखा
7 पिंगाक्ष
8 अमित विक्रम
9 उदधिक्रमण
10 सीता शोक विनाशन
11 लक्ष्मण प्राण दाता
12 दशग्रीव दर्पहा

 

ध्यानरहेंआप 12 नामयादकरलें , इनकाअर्थसमाजलेंपरआपकोपढ़नाउपरवालाश्लोकहीहै !

 

  1. Start gardening, especially of yellow coloured flowers. And take care of those plants daily and water them daily.
  1. Both of you should eat yellow deserts especially Yellow sweets after meals daily for one month without any gap. But the colour of the desert should be yellow. From next month both the spouse should wear any yellow cloth daily for one month without any gap. For the third month use to “daan” (donate) yellow things to the needy persons.
  1. You should burry the older gud (khand or jiggery) in soil.
  1. In poorva phalguni nakshatra (which comes each month) bring the root of mango and scrub the root in cow milk and drink that.
  1. Put shwet Gunja in copper talisman and wear this in waist till the child birth.
  1. Put a Bal Krishna photo and chant santan gopal strota.start this from coming Krishna janmashtami.

 

(Astrologer Sushil Kumaar Singh visits Delhi/Noida on fourth saturday and sunday of each month - Next Visit on 25th 26th August , Contact 9899217546 for Appointments, Whatsapp - 9621127233 - Hotel P.K Residency B2 Sector 27, Metro Station 18, Noida)

 

 

मंत्रों द्वारा किए गये उपाय सिर्फ़ सात्विक साधु और निर्मल हृदय वालों को ही लाभ देता है ! सामान्य जान के लिए कुछ अटपटे से उपाय होते हैं जो लाभ तो पूरा करते हैं ! पर उस उपाय को करने में तार्किक लोग सकुचते हैं ! मैं हमेशा उपाय के रूप में विशेष मंत्र ही देता रहा हूँ लोगों को ! पर यह देखने मे आया की कुछ लोग माँस खाते है और शराब पीते हैं ! माँस खाने वालों पर मेरे ये उपाय काम नहीं आए ! माँस और मंत्र दोनों साथ मे नही चल सकता कम से कम मैं तो यही मानता हूँ ! तो मैं बात कर रहा था उन अटपटे से उपायों की जो वास्तव में कारगर होते हैं यदि पूर्ण समर्पण से किए जायें ! आज मैं गर्भ धारण के उपाय बता रहा हूँ ! इसमे उपाय तो इतने हैं की बन्ध्या स्त्री के भी पुत्र हो जाए पर ज्योतिषी उपाय ही दे सकता है समर्पण और तन्मयता नहीं !

यहाँ मैं कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण उपाय बता रहा हूँ पर कुछ उपाय जानबूझ कर नही बता रहा हूँ क्योंकि वे यहाँ लिखे ही नही जा  सकते !

1. जिस स्त्री को एक बार भी गर्भ धारण नही हो रहा है वे बागवानी करना शुरू कर दें विशेषकर पीले फूलों या फलों के ! जल्द से जल्द बिना किसी मुहूर्त के !

2.इसके साथ ही उपाय के रूप में एक महीने तक पति और पत्नी दोनों भोजन के उपरांत पीली मिठाई अवश्य खायें बिना गैप के ! पीला फल भी खा सकते हैं ! DIABTICS कोई अन्य पीली चीज़ खा सकते है ! अगले महीने से पति और पत्नी कोई एक पीला वस्त्र अवश्य धारण करें पुर एक महीने तक ! तीसरे और अंतिम महीने पीली वस्तुओं का जी खोल के दान करिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार ज़रूरतमंद को गाय को पुजारी या ब्राह्मण को !

3.पूर्वफ़ाल्गुनी नक्षत्र में थोड़ा सा आम के पेड़ की जड़ लाकर गाय के दूध मे घिसकर स्त्री पिए !

4.तांबे के जंतर में सफेद गूंजा डाल कर गर्भ धारण तक श्रद्धा से कमर में स्त्री बँधे रहे !

5.पुराना से पुराना गुड़ मिट्टी में दबायें !

6.जन्माष्टमी के दिन से बाल गोपाल की पूजा शुरू करें और संतान गोपाल स्त्रोत का पाठ करें ! पर ध्यान रहे यह उपाय सिर्फ़ शाकाहारी सात्विक लोग ही करें ! बाकी लोग इस मंत्र का उपाय करने से बचें या शाकाहार अपनाने के बाद करें ! संतान से बड़ी कोई पूंजी नही हो सकती तो शाकाहार अपनाया जा सकता है !

Child Birth Astrology

 

For predicting childbirth through Hindu Astrology the first, Fifth and ninth houses or their lords of the horoscope are analyzed. The Ascendant, Navamsa and Saptamsa divisional charts are considered and the both houses fifth and ninth are observed for the birth of the child but what about the timing of conceiving a woman.

 

Transit of Saturn

 

A woman can conceive only when the planet mars aspects the fifth house or fifth lord. But before this, the transit of Saturn must be observed. Saturn must aspect the both the houses or lord of those houses for the birth of a child. Transit of Jupiter and Saturn is also considered. Not only above mentioned four planets but even moon should be near the first house or lord of the first, fifth or ninth house or their lords. If above conditions are not applied, a woman cannot give birth to a child. For the birth of child both fifth and ninth houses are observed but for conception only fifth house is analyzed. Among many other parameters' aspect of transiting mars over the fifth house or on the lord of the fifth house is an important one.

 

 Man: Sun & Venus, Woman: Moon and Mars

 

Beej and kshetra are other concepts to know the time of childbirth. In a male birth horoscope, the capacity to conceive is analyzed by the sun whereas the sperm is represented by Venus. And sun and Venus should be in male signs whereas in the women’s horoscope moon and mars should be considered for conceiving a woman

 

Conception of baby

 

For conceiving, a woman few important transits have to occur as 1. Ascendant lord transiting over fifth or seventh house and 2. Fifth lord and ninth lord transiting over ascendant. 3. Transit of Saturn over fifth or ninth house. 4. Transit of Jupiter over fifth house or fifth lord.

 

Transit of Mars

After these conditions, transit of mars is considered which is most important. Without the transit of mars over fifth house or house lord no woman can get conceived. From 20th February 2016 till July 2016 Mars will be transiting between Libra and Scorpio. Mars will be aspecting the Capricorn, Aries, Taurus when they are in Libra and aspecting the Aquarius, Taurus and Gemini when in Scorpio. Now a day readers of the astrology lessons also know astrology. For their knowledge if anyone has Aries Taurus Gemini Capricorn and Aquarius in their fifth house or the fifth house lord is placed in the Above signs there is the possibility of conceiving a child if the dashas too are favorable including the favorable transit of Jupiter.

Conception of child due to favorable Mars Transit

 

If anyone has no transit relation between the transiting mars and the above-discussed signs from their fifth house or their lords there is zero percent chances of getting conceived. So from February 20 till 12th July one shall get conceived if there is a favorable transit of mars.

 

Planetary combinations for a male baby after many female babies.

 

1.If the fifth lord of the horoscope is in Ardra, Punarvasu and Mrigshira constellation or nakshatra.
 
2.If the fifth lord is in the zodiac of Mercury and any male planet is not aspecting fifth house or lord of the fifth house.
 
3.If any two planets among Mercury Venus and Moon are placed in the fifth house in lagna or saptamsha divisional horoscope.
 
4.If the fifth lord is in the second or in the eighth house of lagna or saptamsha horoscope.
 
5.If there are even zodiacs in the fifth house such as 2,4,6,8,10,12 and any of the planets amongst mercury venus and moon is placed in the eleventh house of the Lagna or Saptamsha horoscope.
 
These planetary combinations should be preferably seen in the horoscope of the wife first.
दो/तीन पुत्रियों के बाद पुत्र प्राप्ति का योग -
 
इसे हिंदू ज्योतिष् में स्पष्ट कन्या योग कहते हैं ! 
 
स्पष्ट कन्या योग - 
 
1. पाँचवें घर का स्वामी आर्द्रा,हस्त,मृगशिरा या पुनर्वसू नक्षत्र मे हों तो दो या तीन संतानें लगातार पुत्रियाँ ही होंगी !
 
2.पंचमेश बुध की राशि में और बुध से दृष्ट हो तथा कोई भी पुरुष ग्रह पंचम भाव या पंचमेश पर दृष्ट ना डाल रहा हो !
 
3.चंद्र,बुध एवं शुक्र मे से कोई भी ग्रह कुंडली और सप्तांश कुंडली मे पाँचवे घर मे हो तो पुत्री योग बनता है !
 
4.पाँचवें भाव का स्वामी दूसरे या आठवें मे हो तो स्पष्ट कन्या योग बनता है !
 
5.पंचम भाव में सम राशि 2,4,6,8,10,12 हो और लाभ स्थान मे बुध शुक्र या चंद्रमा हो तो स्पष्ट कन्या योग बनता है !
 
(English translation of the article will be available soon)
 
किन ग्रह स्थितियों में होगी प्रथम संतान पुत्र -
 
1.कुंडली के पाँचवें घर का स्वामी लग्न में स्थित हो और बृहस्पति से दृष्ट हो !
या
 
2.पंचमेश पुरुष ग्रह (सूर्य गुरु या मंगल) हो और पुरुष राशि (1,3,5,7,9,11) में हो !
 
या
3.तीन ग्रह चंद्र मंगल और शुक्र द्विसभाव राशियों में हो !
 
या
4.पाँचवें और सातवें घर में पुरुष ग्रह हो और बलवान हो तो इन 4 स्थितियों मे प्रथम संतान पुत्र होगी !
 
प्रथम संतान पुत्री होने के अलग योग होते हैं ! सिर्फ़ और सिर्फ़ पुरुष संतानें ही हों और चाह कर भी कन्या संतान हो इसके भी अलग अलग ज्योतिषीय योग होते हैं ! पर इसमें सारी बातें बताना उचित नहीं होगा ! अगली पोस्ट में संतान से संबंधित अन्य योगों का वर्णन होगा जैसे गर्भधारण का समय जानना !  

Love and relationship Astrology

Career Astrology

Astro Palmistry

live astrology readings

Yantras

Property Astrology