Astrology Predictions

Astrology Predictions (38)

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Saturday, 01 October 2016 18:52

Demystifying Dussehra with Astro Sushil

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The festival of Dussehra is celebrated with great enthusiasm and reverence throughout India by the Hindu community. This pulsating festival of Dussehra has its own significance and unique features that set it apart from the rest of the festivals celebrated across the diverse nation of India. It is one of the most important festivals celebrated in various forms, across India, Nepal, Sri Lanka, and Bangladesh. Also known as Vijayadashmi, this spectacular festival is celebrated on the tenth day of the month of Ashwin, as per the Hindu calendar. As far as the Georgian calendar is concerned, the festival falls in the months of either September or October. The word Dussehra has its roots in the ancient Sanskrit language and means "remover of bad fate". It is time for celebration, a time for victory of good over bad, a time when world see the example of power of good. Dussehra means different things to different people. For some, it marks the end of fasting. For others, it means enjoying a dazzling display of fireworks at the local mela. And then there are those who celebrate this Hindu festival in more unique ways than others. Innumerable legends have it that Vijaya Dashami…
गृह दोष ,वास्तु दोष घर में है तो इसके कुछ लक्षण भी है ! ये लक्षण अगर दिख रहे हैं तो जल्द से जल्द यह उपाय करें ! 1. सान्स्कारिक घर के बच्चे बिगड़ने लगें, इस कदर कि आप को शर्मिंदगी उठानी पड़े ! घर की लड़की में आश्चर्यजनक रूप से चारित्रिक दोष आ जाए, वह काई पुरुषों से संबंध बनाना शुरू कर दे ! 2.घर का बेटा अधिक उम्र तक बेरोज़गार और कुँवारा हो ! 3.खूब पढ़े लिखे सांसकारिक घर में अचानक शाम के बाद ज़ोर से झगड़े शुरू हो जाए और सभी सदस्य ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगें ! और मोहल्ले वाले इसके आदी हो जायें ! 4.घर की बहू रात को झगड़ा करके घर छोड़ने के उद्देश्य से घर से निकल जाए , भले ही सबको परेशान करके वह वापस आ जाए ! 5.कोई सदस्य अचानक बीमार पड़े और डॉक्टर्स बीमारी का पता ना लगा पायें ! इसके बहुत सारे उपाय हैं ! उनमे से एक महत्वपूर्ण उपाय मैं बता रहा हूँ ! ( इस उपाय में प्रयुक्त सामग्री के लिए आप Astro Sushil World से संपर्क करें ! - 09899217546 , Whatsapp – 9621127233 ( इस नंबर पर कॉल ना करें सिर्फ़ Whatsapp) पंडित जी से…
Rahu will be transiting over Leo sign Simha Rashi and Ketu will be transiting over Aquarius sign Kumbha Rashi on 9 January 2016 (at around 10:25 AM Delhi, India time) This transit of Rahu from Simha Rashi and of Ketu through Kumbha Rashi will be operational till 8 September 2017.the Rahu will be transiting in the Leo Simha sign with Jupiter already transiting there. So this Rahu and Jupiter conjunction will form Guru Chaandal yoga till 10th of august. Off course Rahu will be stronger and confer very good results, but at the same time Jupiter will be badly afflicted before entering Virgo Kanya sign. The highlights: * For the Aries married woman, there seem few problems in conceiving or repeated abortions are also possible. *Taurus’s should avoid selling or buying property. Have had to repair cars and should avoid buying new ones. *Gemini’s should take care of their cell phones, laptops because there are chances of theft and damage. *Virgo’s may have to travel foreign countries suddenly. *Scorpions relationship will get damaged with the elders’ seniors or bosses. Travelling a lot and sometimes transfers in the job is experienced. There are chances of humiliation. *For Pisceans, There are chances…
09 जनवरी 2016 को राहु और केतु गोचर में सिंह राशि मे आरहे हैं ! 10 अगस्त 2016 तक राहु बृहस्पति के साथ रहेंगे और अच्छा प्रभाव देंगे पर बृहस्पति महाराज राहु से पीड़ित होकर बुरा प्रभाव देंगे ख़ासकर नेताओं को क्योंकि गुरुचांडाल योग का निर्माण हो रहा है !राहु और केतु का गोचर उतना ही महटवापूर्ण है जितना बृहस्पति का ! क्योंकि राहु केतु त्रिकोणों पर दृष्टि डालते हैं ! त्रिकोनो का संबंध भाग्य से होता है ! जीवन मे कुछ बहुत अच्छा होना या अप्रत्याशित सफलता मे राहु का गोचर बहुत महत्व रखता है ! जैसे लॉटरी लग जाना अचानक कोई अपनी सारी प्रॉपर्टी दे दे इत्यादि ! राहु डेढ़ साल में अपने गोचर के दौरान विशेष अंशों पर कुछ महीनों के लिए स्थिर हो जाता है या उसी समय ग्रहण लगता है ! इन विशेष कालों में राहु का गोचर पूर्ण प्रभाव देता है ! शेष अगली पोस्ट में...
विन्शोत्तरी दशा के परिणामों हेतु सामान्य नैयाँ तो सभी जानते हैं पर कुछ ग़ूढ और कठिन नियमों को या तो लोग जानते नहीं या इस लिए जानना नही चाहते की वे थोड़े से कठिन हैं ! इनके लिए अभ्यास की आवश्यकता है ! तो नोट बुक और पेन साथ रखें और इन इनियमों को प्रयोग करें और परिणाम देखें ! आज भाग 1 * किसी ग्रह या भाव से कोई ग्रह दशम स्थान मे हो तो यह समझना चाहिए कि उक्त ग्रह पर दशम भाव मे स्थित ग्रह का प्रभाव है ! उतना ही प्रभाव जितना की दृष्टि डालने से होता है ! *वक्री ग्रह द्वादश अष्टम और छठे घर में प्रभावी हो जाते हैं ! पंचमेश वक्री होकर यदि द्वादश मे है तो एक या दो पुत्र अवश्य देगा ! *कोई ग्रह जिस भाव मे स्थित है उसका ज़्यादा फल देगा और वह जिसका स्वामी है उसका कम ! *ग्रह जिस भाव मे होता है अपनी दशा में उस भाव का फल तो देता ही है पारंतु उस ग्रह के नक्षत्र तथा नवांश में जो ग्रह स्थित होता है उसकी दशा मे भी संबंधित ग्रह जो वाहा बैठा है उसका भी फल प्राप्त होता है ! *उसी प्रकार उस…
अगर किसी का चंद्रमा खराब है तो उनके सर का चाँद दिखने लगता है यानि की सर के बीच के हिस्सेपरबाल उड़ जाते हैं ! अर्थात सर के बिल्कुल मध्य में बाल कम हो जाते हैं या ख़तम ही हो जाते हैं ! यदि ऐसा थोड़ा कम उम्र मे ही दिखने लगे तो समझिए चंद्र बहुत ही खराब है ! और उसके लिए कुछ सावधानियाँ रखी जा सकती हैं या उपाय किए जा सकते है !
सावन में नीच का मंगल - बारिश बाढ़ और आतंक 1. कल यानी 31 जुलाइ को अषाढ़ की पूर्णिमाहै ! 2. 31 जुलाइ से ही मंगल नीच का हो जाएगा और.. 3. 01 अगस्त से भगवान शंकरका “सावन “का महीना शुरू हो जाएगा ! कल यानी 31 जुलाई 2015 बिल्कुल सुबह और आज 30 की रात से कई बदलाव होंगे ! 1. कल अषाढ़ की पूर्णिमा है ! और 2. 31 जुलाइ से ही मंगल नीच का हो जाएगा और 3. 01 अगस्त से भगवान शंकर का सावन का महीना शुरू हो जाएगा ! सालों पहले ज्योतिषियों के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता था ! इस दिन ज्योतिषी ध्वज बाँध कर वायु परीक्षा करते थे ! यदि हवा पूरब की ओर चलती थी तब यह माना जाता था कि वर्षा और उपज अच्छी होगी ! यदि दक्षिण पश्चिम की ओर वायु चले तो अकाल या सूखा पड़ेगा ! यदि दक्षिण की ओर हवा चले तो अच्छी वर्षा होगी ! पर युद्ध के संकेत भी मिलते हैं ! यदि अषाढ़ की पूर्णिमा जैसे 31 जुलाइ 2015 को बिजली चमकने और बादल के गरजने के साथ वर्षा होती है है तो इस साल अच्छी बारिश के संकेत होंगे ! यह…
बाबा रामदेव का पुत्र जीवक बीज तो एक बानगी भर है ! बहुत सारी औषधियों का एक साथ सेवन करने से ऐसा संभव होता है की पुत्र संतान ही हो ! पर ऐसा सिर्फ़ पुत्र संतान के लिए ही है यह ग़लत है ! "पुत्री संतान" के लिए भी ऐसी औषधिया बताई गयी हैं ! क्या कहता है ज्योतिष् - ज्योतिष् मे ऐसे नक्षत्र काल और प्रहार बताए गये हैं की यदि उस समय पति पत्नी मिलें तो पुत्र होगा दूसरे समय मे पुत्री ! आज के युग मे कुछ लोग पुत्री संतान के लिए भी उत्सुक रहते हैं ! यंत्र और तंत्र भी मनचाही संतान मे उपयोगी हैं ! कुछ विशेष मंत्र जैसे हरिवंश पूरण का "संतान गोपाल मंत्र" उनके लिए बहुत उपयोगी है जिनके संतान नही हो रही हैं ! राम चरित मानस का सिद्ध मंत्र "प्रेम मगन कौसल्या निसि दिन जात ना जान ! सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान " ! मंत्र की एक विशेष विधि नियम दिन नक्षत्र और विशेष समय है ! पर मैं उसको यहाँ बिल्कुल बताना नही चाहता हूँ ! मैं इस क्रिया को बिल्कुल बढ़ावा नही देना चाहता हूँ ! पुत्र प्राप्ति का एक अन्य बहुत ही शक्तिशाली और…
मानव संसाधन मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी का कैबिनेट मंत्री पद बचेगा की नही यह मैं नही जानता क्यों की मेरे पास उनकी कुंडली नही है और मैं राजनेताओं से कुण्डलियां नही माँगता फिरता क्यों कि आदतन वे ग़लत कुंडली दे देते हैं ! पर 22 नवंबर 2013 को मैने साफ़ साफ़ भविष्यवाणी कर दी थी की महिलायें श्री नरेंद्र मोदी के लिए हमेशा समस्या का कारण बनेंगी ! यही बात पुनः 01 जनवरी 2015 को मैने अपनी नव वर्ष 2015 की भविष्यवाणी मे दुहराई ! पर इस भविष्यवाणी मे मैने श्री मोदी जी के अलावा पूरी पार्टी को जोड़ा था की हार फिरहाल BJP के लिए भी महिलायें प्रतिकूल साबित होंगी ! किरण बेदी के हारने के बाद कुछ लोगों ने मुझे भविष्यवाणी सच होने की भविष्यवाणी की तो मैने कहा था की बात तो ठीक है पर डॉ. बेदी केंद्र सरकार के लिए मुसीबत तो नहीं बनी ! मैने उनसे कहा था की सत्ता मे बैठी या सत्ता के आसपास वाली शक्तिशाली महिलायें BJP और केंद्र सरकार के लिए जी का जंजाल बनेंगी ! श्री नरेन्द्रा मोदी , श्री राजनाथ सिंह और BJP खुद साढ़ेसाती से भी गुजर रहे हैं ! शनि जब चंद्रमा पर या उसके एक घर…
There are four types of lines of marriage! Generally we see people reading the lines on the mount of mercury. Generally there may be more than one line. But here we commit mistake because the line we consider line of marriage may be line of separation or divorce. Line of marriage is found not only on the mount of mercury but also on other three parts of the palm of the native. -the first type of line of marriage is found on the mount of mercury which generally most of persons know. -Second one emerges from line of luck and lines found on the venus (in figure). -Third type of the line of marriage is found in the form of a cross on mount of Jupiter. -when any line moves from mount of venus and reaches to mount of mercury. Astro Palmistry is not new for India but this is the science which completely developed in India. One competent astrologer can make the horoscope by reading the lines and mount of the palm.i worked on Astro Palmistry for more than two years and now I’ll be writing on this subject on daily basis. The palm reveals not only marriage but…
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